Saturday, 5 May 2012

नागकेसर

नागचम्पा की कलि को नागकेसर कहते है| नागकेसर कडवी ,कसेली,आमपाचक ,किंचित गरम,रुखी, हलकी ,गरम,रुधिर रोग,वात, ह्रदय की पीड़ा, पसीना, दुर्गन्ध, विष, तृषा, कोढ़ ,कान्त रोग और मस्तक शूल का नाश करती  है | भगवान शिव जी की पूजा में नागकेसर का उपयोग किया जाता है, तांत्रिक प्रयोगों और लक्ष्मी दायक प्रयोगों में भी नागकेसर का उपयोग किया जाता है | नागकेसर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है मंगाने के लिए कॉल  या ईमेल करे |

                                       नागकेसर 
                         

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